06 Jan
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वैसे तो आयुर्वेद में बहुत से जड़ी बूटी पाए जाती है. और सभी के अनेको फायदे होते है, सभी के अपने जगह पर अपने अपने लाभ भी होते है. आज हम एक ऐसी ही आयुर्वेदिक औषधि ब्राह्मी के बारे में बात करेंगे. ब्राह्मी का पौधा जंगलो में पाया जाता है, पर अब लोग ब्राह्मी को अपने घरो में भी लगते है. इसके लिए सामान्य वातावरण, न ही ज्यादा धुप और न ही जाता ठण्ड होनी चाहिए. तब जाके यह पौधा लगता है.

ब्राह्मी की पहचान

ब्राह्मी कि पहचान के लिए हम आपको आपको बता दे कि ब्राह्मी के पौधे के पते थोड़े चपटे होते है.यह गहरे हरे रंग के होते है. और इसमें किसी तरह कि कोई महक नहीं पाई जाती है. यह ब्राह्मी की पहचान होते है.

ब्राह्मी का उपयोग:

ब्राह्मी का उपयोग के तरह कि दवाइयों को बनाने के लिए किया जाता है. ब्राह्मी का आयुर्वेद में बहुत अधिक महत्व है. इसके उपयोग से बहुत सी दवाइया बनाने में मदद मिलती है.

ब्राह्मी के गुण:

आयुर्वेद में ब्राह्मी के गुण बहुत अधिक पाय जाती है. ब्राह्मी दिमाग को बहुत तेज़ बनाती है. और शरीर के बहुत से विकारो को दूर करती है. इसके अनेक गुणों के कारण ही आज के समय में ब्राह्मी का बहुत अधिक प्रयोग किया जाता है.

ब्राह्मी के फायदे:

उपर्युयक्त बातो से आप समझ ही गए होंगे कि ब्राह्मी के फायदे के फायदे बहुत अधिक है. ऐसी कारण लोग अधिक से अधिक इसका प्रयोग करते है. तो आइये कुछ और ब्राह्मी के फायदे के बारे है जानते है.

दिमाग तेज़ करे:

ब्राह्मी दिमाग तेज़ करने में बहुत ही सहायक मानी जाती है. इसके रोजाना प्रयोग से दिमाग के कार्य करने कि क्षमता बहुत अधिक बढ़ जाती है.

तनाव दूर करे:

ब्राह्मी के रोजाना प्रयोग से तनाव दूर होने में बहुत अधिक मदद मिलती है. यदि किसी वयक्ति तो बहुत अधिक तनाव कि दिकत हो उस वयक्ति को रोज ब्राह्मी के पतों का सेवन करना चाहिए.

सुस्ती भागे दूर:

यह कोई वयक्ति बहुत ही सुस्ती में रहता हो, कार्य करने में यदि उसका मन न लगे तो रोजाना ब्राह्मी के उपयोग से इसे काम किया जा सकता है. यदि रोजाना ऐसी वयक्ति को ब्राह्मी के पतों का सेवन करवाया जाए तो इस समस्या से निजात पा सकते है.


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